Entertaining with women’s equality and Ranveer’s stardom, will Jayeshbhai’s idea prove to be a big hit at the box office? | मनोरंजक के साथ नारी समानता की बात और रणवीर का स्टारडम, क्या बॉक्स ऑफिस पर जयेशभाई का ये आइडिया जोरदार साबित होगा?

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मुंबई2 घंटे पहलेलेखक: मनीषा भल्ला

  • फिल्म के डायरेक्टर को दिलचस्प कहानी, बिना बैकग्राउंड और फिल्म मेकिंग एक्सपीरियंस के मिली यशराज की फिल्म

कोरोना के चलते रणवीर की दो फिल्में अटकी हैं। एक ‘83’ और दूसरी ‘जयेशभाई जोरदार’। 83 भारत के क्रिकेट वर्ल्डकप जीतने की कहानी है। वहीं जयेशभाई जोरदार में वीमेन एम्पावरमेंट को मनोरंजक तरीके से पेश करने का दावा किया जा रहा है।

इस फिल्म से बॉलीवुड में एक्ट्रेस शालिनी पांडे और डायरेक्टर दिव्यांग ठक्कर डेब्यू करेंगे। रणवीर के स्टारडम और यशराज जैसे बैनर से यह फिल्म चल गई, तो सबसे ज्यादा फायदा इन्हीं दो को होगा। फिलहाल एक साल से तैयार इस फिल्म की रिलीज के बारे में यशराज बैनर कुछ बोलने को तैयार नहीं।

रणवीर ने सिंबा, बाजीराव मस्तानी और पद्मावत में लार्जर देन लाइफ किरदार निभाए थे। गली बॉय में उनका किरदार झोपड़पट्टी में रहने वाले एक आम लड़के का था। जयेशभाई जोरदार में रणवीर फिर से एकदम लाइट मूड में नजर आने वाले हैं।

फिल्म की कहानी नारी समानता और महिलाओं के अधिकार के बारे में है। यह बात किसी उपदेश या नसीहत के स्वरूप में नहीं, मनोरंजक ढंग से प्रस्तुत की गई है।

रणवीर की पहली फिल्म बैंड बाजा बारात के मेकर मनीष शर्मा ही इस फिल्म का सारा प्रोडक्शन देख रहे हैं। उम्मीद की जा सकती है कि फिल्म में वही बैंड बाजा बारात वाले सबको हंसते-हंसाते रणवीर नजर आएंगे।

रणवीर का सितारा अभी बुलंद इसलिए थिएटर का इंतजार

यह फिल्म एक साल से रिलीज के लिए तैयार है, लेकिन फिल्म के कमर्शियल पोटेंशियल को देखकर थिएटर पूरी तरह खुल जाएं, इसका इंतजार हो रहा है।

इंडस्ट्री के सूत्र बताते हैं कि यशराज का इस फिल्म की रिलीज के लिए इंतजार करना सही भी है। फिलहाल रणवीर के सितारे बुलंद हैं। उनकी गली बॉय काफी सराही गई थी। पद्मावत, सिम्बा, बाजीराव मस्तानी सब हिट रही हैं।

रणवीर की ‘83’ भारत की पहले क्रिकेट विश्वकप विजय पर बनी फिल्म है। ऐसी बड़ी स्पोर्ट्स इवेंट पर बनी फिल्म के लिए थिएटर रिलीज की प्रतीक्षा सही है। मगर, जयेशभाई जोरदार का कैनवास इतना बड़ा नहीं है। बस, रणवीर के स्टारडम का कमर्शियल फायदा सिर्फ थिएटर रिलीज में ही हो सकता है।

कहानी, किरदार और लोकेशन सब कुछ गुजराती
फिल्म के टाइटल से ही अंदाजा हो जाता है कि ये एक गुजराती की कहानी है। रणवीर एक गुजराती का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का सिर्फ यही गुजराती कनेक्शन नहीं है। फिल्म के डायरेक्टर दिव्यांग ठक्कर कच्छ के एक बहुत ही छोटे से कस्बे मुंदरा से हैं। वे तीन गुजराती फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं।

फिल्म में अहम किरदार निभा रही रत्ना पाठक शाह भी गुजराती हैं। बोमन ईरानी पारसी होने के नाते गुजरात से जुड़े हुए हैं। गुजराती फिल्मों की एक और हीरोइन दीक्षा जोशी भी इस फिल्म में भूमिका निभा रही हैं।

रणवीर इससे पहले ‘राम-लीला’ में गुजराती किरदार निभा चुके हैं। यह संयोग है कि रणवीर की राम-लीला का बैकग्राउंड भी कच्छ का दिखाया गया था और ‘जयेशभाई जोरदार ’ के डायरेक्टर दिव्यांग भी वहीं से हैं।

गुजरात में शूटिंग के वक्त रणवीर का मेकओवर देखा गया था

फिल्म के लिए मुंबई के स्टूडियो में ही पूरा गुजराती सेट तैयार किया गया था? लेकिन रणवीर की कार के कुछ सीन के शूट गुजरात के सौराष्ट्र से कच्छ जाने के हाई-वे पर सूरजबारी ब्रिज के पास हुए हैं। फिल्म का एक अहम हिस्सा नॉर्थ गुजरात की ऐतिहासिक सिटी ईडर में फिल्माया गया है।

शूटिंग के दौरान उपस्थित रहे लोग एकदम दुबला पतला सा रणवीर देखकर चौंक गए थे। इससे पहले ‘बाजीराव’ और ‘पद्मावत’ के लिए रणवीर ने काफी बॉडी बनाई थी, लेकिन इस किरदार के लिए उन्होंने फिर से वजन कम किया था।

दिव्यांग ठक्कर के डेब्यू की इंटरेस्टिंग कहानी

डायरेक्टर दिव्यांग ठक्कर का बॉलीवुड से कोई खास नाता नहीं है। उन्होंने इससे पहले गुजराती फिल्म ‘केवी रीते जईश ’ ‘बे यार’ और ‘चाशनी’ फिल्म में बतौर हीरो काम किया था। अल्ट बालाजी के एक वेब शो ‘बॉयगीरी’ में भी बतौर एक्टर दिखे थे।

दिव्यांग के दिमाग में काफी समय से इस फिल्म की कहानी थी। किसी तरह उनका संपर्क मनीष शर्मा से हुआ। मनीष को कहानी अच्छी लगी तो उन्होंने आदित्य चोपड़ा के साथ मीटिंग फिक्स करवाई। आदित्य को भी कहानी इतनी पसंद आई कि उन्होंने दिव्यांग को कहानी पर पूरी स्क्रिप्ट बनाने और उसे खुद डायरेक्ट करने की जिम्मेदारी सौंप दी।

प्रतीक गांधी की गुजराती फिल्म के को एक्टर
दिव्यांग और प्रतीक ने गुजराती फिल्मों में एक साथ एक्टिंग शुरू की थी। ‘बे यार’ में वे और प्रतीक गांधी साथ थे। प्रतीक गांधी ने एक्टिंग पर ही फोकस किया और उन्हें ‘स्कैम-92’ वेब सीरीज मिली। दिव्यांग ने फिल्म मेकिंग की ठान ली और उन्हें पहली ही फिल्म यशराज बैनर और रणवीर जैसे स्टार के साथ मिली।

पहली फिल्म यशराज से यह बड़ी बात

ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े का कहना है कि जयेशभाई ज़ोरदार के बारे में कहा जा रहा है कि इंस्पिरेशनल मूवी है। डायरेक्टर दिव्यांग ठक्कर का फिल्म मेकिंग का कोई खास अनुभव नहीं है, मगर यशराज जैसा बैनर ऐसे ही कोई प्रोजेक्ट नहीं करता। कहानी में दम लगा होगा तो ही और काफी रिसर्च के बाद ही उन्होंने यह प्रोजेक्ट दिव्यांग के साथ आगे बढ़ाने का फैसला लिया होगा।

शालिनी को बॉलीवुड में दमदार डेब्यू की उम्मीद

हिंदी फिल्म ‘कबीर सिंह’ में जो भूमिका कियारा आडवाणी ने निभाई थी, वही रोल ओरिजिनल ‘अर्जुन रेड्डी ’ में शालिनी पांडे ने निभाया था। शालिनी ने ‘दैनिक भास्कर’ के साथ बातचीत में बताया कि यह मेरी पहली हिंदी फिल्म है और मुझे बॉलीवुड में शानदार डेब्यू की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने फिल्म के बारे में ज्यादा कुछ बताने से इनकार किया।

शालिनी को होगा सबसे बड़ा फायदा
फिल्म क्रिटिक एन रमेश बाला का कहना है कि जयेशभाई ज़ोरदार फिल्म अगर अच्छा प्रदर्शन करती है, तो इससे सबसे ज्यादा फायदा सिर्फ शालिनी पांडे को होने वाला है। क्योंकि, शालिनी की ‘अर्जुन रेड्डी’ के अलावा एक भी यादगार फिल्म नहीं है। अभी तक शालिनी तमिल और बॉलीवुड दोनों फिल्म इंडस्ट्रीज़ के लिए अनजान नाम हैं।

2 अक्टूबर 2020 ओरिजिनल रिलीज डेट थी
अगर कोरोना नहीं आया होता तो यह फिल्म बीते साल गांधी जयंती (2 अक्टूबर 2020) को ही रिलीज होने वाली थी। फिर इस साल 27 अगस्त को रिलीज करने का प्लान बना। यशराज के सूत्र बताते हैं कि फिलहाल फिल्म की रिलीज को लेकर कुछ भी नहीं सोचा गया है।

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